खटलोन। अफगानिस्तान की सीमा से सटे ताजिकिस्तान में चाइनीज इंजीनियरों पर ड्रोन से घातक हमला हुआ है। इस हमले में 3 चाइनीज मारे गए हैं। ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये हमला UAV से किया गया। इस UAV में ग्रेनेड और विस्फोटक लोड थे। इससे एक माइनिंग साइट पर हमला किया गया। ताजिकिस्तान का दावा है कि ये हमले सीमा पार से किए गए थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक र रात को ताजिकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी खटलोन इलाके में एक कैंप हाउसिंग कंपनी के कर्मचारियों को निशाना बनाकर हमला किया गया।  यह हमला योल बॉर्डर डिटैचमेंट में फर्स्ट बॉर्डर गार्ड पोस्ट “इस्तिकलोल” के पास एलएलसी शोहिन एसएम वर्कर्स कैंप को निशाना बनाकर किया गया था। माइनिंग कंपनी एलएलसी शोहिन ताजिकिस्तान में गोल्ड माइनिंग का काम करती है। ताजिकिस्तान ने कहा, “ताजिकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच बॉर्डर वाले इलाकों में सुरक्षा बनाए रखने और शांति और स्थिरता का माहौल बनाने की ताजिकिस्तान की लगातार कोशिशों के बावजूद अफ़गानिस्तान के इलाके में मौजूद क्रिमिनल ग्रुप्स की खतरनाक हरकतें अभी भी जारी हैं।

 

ताजिकिस्तान में क्या कर रहे थे चाइनीज इंजीनियर

कई चीनी कंपनियां ताजिकिस्तान में काम करती हैं। ये कंपनियां खासकर माइनिंग और नेचुरल रिसोर्स के क्षेत्र में काम कर रही हैं। जो अक्सर पहाड़ी बॉर्डर इलाकों में होती हैं। ये पहाड़ी और बॉर्डर इलाका दोनों देशों के बीच लगभग 1,350 किलोमीटर तक फैला हुआ है।

ये चाइनीज वर्कर ताजिकिस्तान में माइनिंग और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में शामिल थे। ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान के इस बॉर्डर पर समय समय पर दिक्कतें होती रहती है। 

ताजिकिस्तान ने कहा कि उसने एक हफ़्ते पहले इस इलाके में अफ़गानिस्तान के दो संदिग्ध ड्रग स्मगलरों को मारने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया था। अगस्त में ताजिक गार्ड्स और अफ़गानिस्तान के रूलिंग तालिबान मूवमेंट के लड़ाकों के बीच फायरिंग भी हुई थी।

चीनी वर्करों को मारने वाला ड्रोन हमला गुरुवार को कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन जो एक रीजनल ब्लॉक है की मीटिंग से पहले हुआ।

 LLC Shohin SM क्या काम करती है

LLC Shohin SM में धातु की माइनिंग होती है। विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में और यहां आमतौर पर तांबा, सोना और अन्य बहुमूल्य धातुओं की खुदाई की जाती है। LLC Shohin SM ताजिकिस्तान के खातलॉन प्रांत के शोहिन जिले में सोने की खदान चलाती है। यह एक चीनी-ताजिक जॉइंट वेंचर है, जिसमें मुख्य निवेश और तकनीक चीन की कंपनी Tibet Huayu Mining Co। Ltd से आता है। यह खदान जिलाउ और आसपास के क्षेत्रों में सोने की खोज और उत्पादन करती है, जो ताजिकिस्तान के सबसे बड़े सोने के भंडारों में से एक है।

अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान में नया तनाव

यह हमला मध्य एशिया में नए तनाव को जन्म दे रहा है। जहां चीन का करोड़ों डॉलर का निवेश है। इस घटना ने ताजिकिस्तान को चीन और रूस के बीच एक संवेदनशील भूमिका में खींच लिया है, जहां चीन अपने निवेश और सुरक्षा हितों को बढ़ाने के लिए ताजिकिस्तान की सरकार पर दबाव डाल रहा है, जबकि ताजिकिस्तान की सरकार आंतरिक अस्थिरता और चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। ​

हमले ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजनाओं की सुरक्षा को भी चुनौती दी है, जिससे चीन के निवेश और आर्थिक रणनीति पर खतरा उत्पन्न हुआ है। इसके अलावा, चीन अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के साथ भी आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे तालिबान के साथ चीन के रिश्तों में भी नए आयाम उभर रहे हैं।