नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने संसद के मौजूदा सत्र में अपने सांसदों की एक बैठक रखी थी। बैठक में इस बात की समीक्षा होनी थी कि इस सत्र में कांग्रेस ने कैसा प्रदर्शन किया है। कांग्रेस के सांसदों की बैठक थी मगर सबकी निगाहें एक नाम पर था। सब ये देखने को आतुर थे कि बैठक में एक सांसद महोदय आते हैं या नहीं। मगर वो सांसद राहुल गांधी की इस बैठक में नहीं आए। इनका नाम है शशि थरूर जो केरल के तिरूवनंतपुरम से सांसद हैं। यह पहला मौका नहीं है जब शशि थरूर कांग्रेस की बैठक में नहीं आए हों। कई और सांसद जब पार्टी की इस तरह की बैठकों में नहीं आ पाते हैं तो वो बैठक से पहले ही पार्टी को नहीं आने के कारण बता देते हैं। थरूर भी हर बार बैठक में नहीं आने का कारण के बारे में पार्टी को सूचित कर देते हैं। अभी हाल में ही तीन बैठकों में थरूर गायब रहे। शशि थरूर बीते तीन हफ्तों में कांग्रेस की तीन अहम बैठकों से गैर हाजिर रहे हैं। हालांकि तीनों ही बार उन्होंने पार्टी को पूर्व सूचना दे दी थी
कब-कब नहीं आए थरूर
- 18 नवंबर को SIR पर राहुल–खरगे की बैठक : खराब तबीयत का कारण बता कर नहीं आए।
- एक दिन पहले पीएम मोदी के कार्यकम में शामिल हुए थे, सोशल मीडिया पर पीएम के भाषण की तारीफ की।
- 30 नवंबर को संसद की रणनीति बनाने के लिए सोनिया गांधी की अध्यक्षता में स्ट्रेटेजी ग्रुप की बैठक
- मां के साथ केरल में होने का हवाला दिया।
- 12 दिसंबर को लोकसभा सांसदों के साथ राहुल गांधी की बैठक
- केरल में होने के कारण नहीं आए
तकनीकी रूप से थरूर का स्टैंड समझिए
तकनीकी आधार पर ये सब जायज कारण माने जा सकते हैं और पार्टी उन पर कोई कार्रवाई भी नहीं कर सकती।यदि थरूर बिना बताए बैठकों में नहीं आते तो पार्टी उन्हें नहीं आने के कारण जानने के लिए नोटिस भेज सकती है। शशि थरूर पिछली बार 28 अक्टूबर को कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में केरल कांग्रेस की बैठक में नजर आए थे।
