नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है। तापमान में तेज गिरावट के कारण शीत लहर जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के आयानगर में रविवार रात न्यूनतम तापमान 2।9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल अब तक का सबसे कम तापमान है। शहर के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे गिर जाता है, तो इसे शीत लहर कहा जाता है। मौजूदा आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि दिल्ली के बड़े हिस्से में यही स्थिति है। पालम वेदर स्टेशन में न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बीते 13 वर्षों में सबसे कम है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में इसी तरह की ठंड बनी रह सकती है। सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी में रविवार रात न्यूनतम तापमान 4।8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके सोमवार रात तक करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरने की संभावना है। रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

कड़ाके की ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार

ठंड के साथ-साथ दिल्ली में वायु प्रदूषण भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 293 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। यह शनिवार के AQI 291 की तुलना में मामूली बढ़ोतरी दर्शाता है। AQI मानकों के अनुसार 0–50 ‘अच्छा’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मध्यम’, 201–300 ‘खराब’, 301–400 ‘बहुत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं। 

कुछ इलाकों में कोहरे और स्मॉग की चादर

धौला कुआं और सराय काले खां जैसे इलाकों में सोमवार को सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा। दिल्ली में तेज हवाओं के साथ ठिठुरन भरी ठंड महसूस की गई, जब औसत तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। स्मॉग की पतली परत के कारण कई इलाकों में दृश्यता भी कम हो गई। इससे पहले शनिवार को न्यूनतम तापमान 5।4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था और शहर के कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई थी। इससे पहले शुक्रवार को भी न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। कड़ाके की ठंड के बीच कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल जारी है, जहां सुरक्षा बल सर्द मौसम में अभ्यास कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश भी प्रचंड शीत लहर की चपेट में

इससे पहले रविवार को दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 15 डिग्री का फर्क आ गया। पश्चिमी विक्षोभ के असर से पछुआ की रफ्तार बेहद कम रही और धूप में गुनगुनाहट ज्यादा रही। मौसम विभाग के अनुसार यह राहत ज्यादा देर की नहीं है। गलन का सिलसिला फिर से शुरू होने का पूर्वानुमान है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रात का न्यूतम तापमान 6 से 7 के बीच रिकॉर्ड किया गया। वहीं मेरठ 4 डिग्री और बहराइच 4.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य के सबसे ठंडे जिले रहे। सुबह खिली चटख धूप ने लोगों को ठंड से राहत दी। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजस्थान के कई हिस्सों में 0 से नीचे तापमान

राजस्थान में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। राज्य के कई हिस्सों में शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति दर्ज की गई है। प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान 0 से 2 डिग्री नीचे पहुंच गया, जबकि बाड़मेर में यह 0 से 1 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। पिलानी में 1.2 डिग्री, सीकर में 1.7 डिग्री, लूणकरनसर में 1.9 डिग्री और चूरू व झुंझुनू में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन और राज्य में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है। पंजाब और हरियाणा में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं।

कश्मीर घाटी में ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर जारी

पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस और हरियाणा के हिसार में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लुधियाना, पटियाला, अमृतसर और गुरदासपुर में भी तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर में ठंड और भीषण रूप ले चुकी है। यहां तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे चला गया है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 0 से 5.2 डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जबकि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में यह 0 से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। पहलगाम में भी तापमान 0 से 7।6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। कश्मीर घाटी में इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर जारी है, जब 40 दिनों तक कड़ाके की ठंड और बर्फबारी की आशंका बनी रहती है।