रायपुर।  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और नक्सलवाद उन्मूलन पर विस्तार से चर्चा की। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के अंतिम दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य नेताओं से मुलाकात की।मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बार-बार “डबल इंजन की सरकार” की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अब नक्सलवाद के खिलाफ स्पष्ट रणनीति, समन्वय और समयबद्ध लक्ष्य के साथ काम हो रहा है। केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता से जमीनी स्तर पर प्रभाव दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नक्सलवाद को लेकर स्पष्ट रणनीति और केंद्र-राज्य समन्वय की कमी थी। संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में गंभीरता नहीं थी। अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर रही है। साथ ही मुख्यमंत्री साय ने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय समय में पूरा होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है। मुख्यमंत्री साय ने ये भी दावा किया कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय हो रहा है। सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों से हिंसा अब एकमात्र विकल्प नहीं रही। अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ रही है।

पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास
विकास परियोजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए 1।25 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है, जिसके तहत अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों का सर्वे और मैपिंग शुरू कर दिया गया है।

नक्सलवाद के खत्म होने पर निवेशकों ने वहां निवेश करने के लिए रुचि दिखाई है। इसका जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले एक साल में 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। साथ ही सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पर भी काम शुरू कर दिया गया है।

डबल इंजन की सरकार में मिली स्पष्ट दिशा
नक्सलवाद खत्म करने में केंद्र सरकार ने जितनी रुचि अब दिखाई है, क्या वो पहले भी इतनी सचेत थी? इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को स्पष्ट दिशा, निरंतरता और समयबद्ध लक्ष्य मिला है। केंद्र सरकार ने नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने का जो संकल्प लिया है, वह अब जमीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे रहा है और तय समय में लक्ष्य पूरा होने की दिशा में काम तेजी से हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि पहले नक्सलवाद के खिलाफ न तो इतनी स्पष्ट रणनीति थी और न ही केंद्र-राज्य के बीच ऐसा समन्वय दिखता था। संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में भी वह गंभीरता नहीं थी, जिसकी जरूरत इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए होती है। अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद के समूल निवारण के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने जवाब में केंद्र की वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए “डबल इंजन” मॉडल की सफलता को रेखांकित किया।