नई दिल्ली। दुनिया के सबसे रईस शख्स एलन मस्क के नेतृत्व वाली अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla ने बड़े ही जोर-शोर से भारत में एंट्री की थी। कंपनी ने बीते साल जो शुरुआती कारें भारत मंगाई थीं, उनमें से कई कारें अब तक ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाई है। हालात ऐसे हैं कि टेस्ला को अपनी ही मॉडल Y एसयूवी पर भारी छूट देनी पड़ रही है, ताकि स्टॉक में रखी हुई गाड़ियां बिक सकें। इंडिया में एंट्री के तकरीबन 6 महीनों के बाद भी टेस्ला की रफ्तार सुस्त ही है। ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ला ने पिछले साल भारत में Model Y एसयूवी के तकरीबन 300 यूनिट को इंपोर्ट किया था। इनमें से लगभग एक तिहाई यानी करीब 100 गाड़ियां चार महीने बाद भी बिना खरीदार के खड़ी हैं। कई ऐसे ग्राहक जिन्होंने पहले बुकिंग कराई थी, उन्होंने बाद में कार खरीदारी का मन बदल लिया और बुकिंग कैंसिल करा दी। इसी वजह से कंपनी पर स्टॉक साफ करने का दबाव बढ़ गया है।
Tesla पर 2 लाख का डिस्काउंट
रिपोर्ट्स की माने तो कारों की बिक्री को रफ्तार देने के लिए टेस्ला कुछ वेरिएंट्स पर 2 लाख रुपये तक की छूट दे रही है। यह ऑफर खास तौर पर पिछले साल आई Model Y स्टैंडर्ड रेंज पर दिया जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने इस डिस्काउंट ऑफर कोई बड़ा प्रचार-प्रसार नहीं किया है। बल्कि सीधे चुनिंदा ग्राहकों और टेस्ट ड्राइव लेने वालों को बताया जा रहा है। ताकि वो डिस्काउंट का लाभ उठाते हुए कार खरीद सकें। हालांकि कार पर डिस्काउंट के बारे में टेस्ला की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
ऊंची कीमत और टैक्स
भारत में टेस्ला की एंट्री जुलाई में हुई थी। कंपनी ने अपनी पहली कार के तौर पर Model Y को भारतीय ग्राहकों के बीच लॉन्च किया। इस कार की शुरुआती कीमत 59।89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई। शुरुआत मुंबई से हुई और आने वाले महीनों में कंपनी ने दिल्ली और गुरुग्राम में भी अपने शोरूम शुरू किए। इतना ही नहीं कंपनी ने देश भर के ग्राहकों के लिए कार की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी। टेस्ला को भरोसा था कि उसका ब्रांड नाम ग्राहकों को खींच लाएगा, लेकिन इंपोर्टेड कारों पर लगने वाला करीब 110 प्रतिशत तक का टैक्स कीमत को काफी बढ़ा देता है।
भारत में सुस्त शुरुआत ऐसे वक्त में हुई है, जब दुनियाभर में टेस्ला की हालत खस्ता है। बीते साल यानी 2025 में चीन की प्रमुख इलेक्ट्रिक कार कंपनी बिल्ड योर ड्रीम (BYD) ने बिक्री के मामले में टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है। अब बीवाईडी दुनिया की सबसे बेस्ट सेलिंग इलेक्ट्रिक कार कंपनी बन चुकी है। अमेरिका, यूरोप और चीन जैसे बड़े बाजारों में भी टेस्ला की पकड़ कमजोर हुई है।
भारत में कई ग्राहक टेस्ट ड्राइव के बाद दूसरे ऑप्शन की ओर मुड़ रहे हैं। कुछ को बीएमडब्ल्यू की iX1 ज्यादा किफायती लग रही है, तो कुछ को बीवाईडी की सीलायन 7 में ज्यादा फीचर्स नजर आ रहे हैं। इन दोनों की शुरुआती कीमत मॉडल Y से कम है, जिससे टेस्ला को सीधी टक्कर मिल रही है।
बुकिंग ज्यादा, डिलीवरी कम
रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला को भारत में मॉडल Y के लिए करीब 600 बुकिंग मिली थीं। लेकिन इनमें से बड़ी संख्या अब तक डिलीवर नहीं हो पाई है। साल 2025 में पूरे देश में सिर्फ 227 टेस्ला कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। भारत में टेस्ला की एंट्री तो जोर-शोर से हुई लेकिन अब कारों की बिक्री के आंकड़े ये साफ संकेत दे रहे हैं, भारत में टेस्ला की राह आसान नहीं है।
कैसी है Tesla Model Y
टेस्ला मॉडल वाई इंडियन मार्केट में दो वेरिएंट (लॉन्ग रेंज और स्टैंडर्ड) में आती है। इसमें लॉन्ग रेंज RWD वेरिएंट में 84।2kWh का बैटरी पैक दिया गया है। जो सिंगल चार्ज में 661 किमी की ड्राइविंग रेंज देती है। कंपनी का दावा है कि, ये वेरिएंट महज 5।6 सेकंड में ही 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकता है। सुपर-फास्ट DC चार्जर की मदद से इसकी बैटरी 15 मिनट में इतनी चार्ज हो जाती है कि, कार 267 किमी तक चल सकती है। इस हायर वेरिएंट की कीमत 67।89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है।
वहीं स्टैंडर्ड वेरिएंट थोड़ा किफायती है और इसमें छोटा बैटरी पैक मिलता है। इस वेरिएंट में कंपनी ने 64kWh की बैटरी दी है। जो सिंगल चार्ज में तकरीबन 500 किमी की ड्राइविंग रेंज देता है। यह वेरिएंट 5।9 सेकंड में 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ता है। DC फास्ट चार्जर से इस वेरिएंट की बैटरी 15 मिनट में इतना चार्ज हो जाती है, जिससे चालक को 238 किमी की ड्राइविंग रेंज मिलती है। स्टैंडर्ड वेरिएंट की कीमत 59।89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है।
