नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 8 करोड़ मेंबर्स के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अप्रैल 2026 तक इसके सदस्य UPI के जरिए अपनी कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से पात्र राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे।
PF निलकने का बदल जाएगा नियम
रिपोर्ट्स के अनुसार, नई व्यवस्था में PF मेम्बेर्स अपने UPI पिन का उपयोग करके सुरक्षित लेनदेन पूरा कर सकेंगे।
खाते में एक न्यूनतम हिस्सा (25 प्रतिशत) सुरक्षित रहेगा ताकि मेम्बेर्स को वर्तमान 8.25 प्रतिशत ब्याज दर और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता रहे।
बचा हुआ पैसा तुरंत बैंक खाते में पहुंच जाएगा, जिसके बाद इसे डिजिटल पेमेंट, एटीएम से नकद निकासी या डेबिट कार्ड के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
खामियां को दूर करने में जुटा EPFO
EPFO वर्तमान में इस सिस्टम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए तकनीकी चुनौतियों और सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों को दूर करने का काम तेजी से कर रहा है।
फिलहाल सदस्यों को निकासी के लिए क्लेम फाइल करना पड़ता है, जो समय लेने वाला प्रोसेस है। ऑटोमैटिक सेटलमेंट में भी तीन दिन लगते हैं। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया और तेज हो जाएगी।
ऑटो-सेटलमेंट की शुरू हुई सेवा
ईपीएफओ ने कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय संकट में फंसे लोगों को तुरंत मदद के लिए ऑनलाइन ऑटो-सेटलमेंट की शुरुआत की थी। बता दें हर साल 5 करोड़ से अधिक दावों का निपटारा होता है, जिनमें ज्यादातर निकासी से जुड़े होते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार ईपीएफओ अपने सदस्यों को सीधे ईपीएफ खातों से पैसे निकालने की अनुमति नहीं दे सकता क्योंकि उसके पास कोई बैंकिंग लाइसेंस नहीं है। हालांकि, सरकार ईपीएफओ की सेवाओं को बैंकों जैसा बेहतर और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रही है।
अक्टूबर में सरल हुए नियम
अक्टूबर 2025 में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने आंशिक निकासी के प्रावधानों को सरल बनाने को मंजूरी दी। पहले के 13 शर्तों को घटाकर तीन मुख्य श्रेणियों में समेट दिया गया है
1. आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, शादी)
2. आवासीय जरूरतें।
3. विशेष परिस्थितियां।
अब सदस्य पात्र राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, जबकि न्यूनतम हिस्सा सुरक्षित रहेगा। निकासी की सीमा भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
क्या पूरा PF निकाला जा सकेगा?
हां। नए प्रावधानों के तहत सदस्य अपने EPF खाते में उपलब्ध 100% योग्य राशि, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंश निकाल सकेंगे। हालांकि, योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि खाते में कम से कम 25% योगदान हमेशा न्यूनतम बैलेंस के रूप में बना रहेगा, ताकि 8.25% सालाना ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहे और रिटायरमेंट कॉर्पस सुरक्षित रहे।
इस बदलाव से सदस्यों को क्या फायदा होगा?
क्लेम फाइल करने की जरूरत लगभग खत्म
तेज, सुरक्षित और आसान निकासी
EPFO पर प्रशासनिक बोझ कम
डिजिटल इंडिया के अनुरूप PF सेवाएं
कुल मिलाकर, EPFO की UPI-आधारित निकासी सुविधा PF को एक “लॉक्ड रिटायरमेंट फंड” से बदलकर जरूरत के समय तुरंत उपलब्ध वित्तीय सहारा बना देगी वह भी बिना लंबी प्रक्रिया और कागजी झंझट के होगा।
