तेहरान। पश्चिम एशिया में हालात ऐसे हैं कि एक हाथ में बंदूक है और दूसरे में शांति समझौते का ड्राफ्ट। ईरान ने अमेरिकी जेट गिराने का दावा किया है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में गुरुवार को ईरान ने चार जहाजों पर चेतावनी फायरिंग करने का दावा किया, जबकि कुछ घंटे बाद ही अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के संघर्षविराम विस्तार को लेकर शुरुआती समझौते की खबर सामने आ गई। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों में जल्द शांति हो सकती है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने कहा कि चार जहाज बिना पूर्व इजाजत और समन्वय के होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इसी वजह से चेतावनी फायरिंग की गईं। IRGC के मुताबिक, इसी ‘फायर एक्सचेंज’ की वजह से धमाकों की आवाजें सुनी गईं। वहीं ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि दक्षिणी हिस्से से कुछ ‘निर्धारित लक्ष्यों’ पर मिसाइलें दागी गईं। हालांकि इन लक्ष्यों की पहचान नहीं बताई गई।
अमेरिका-ईरान डील पर बड़ा अपडेट
तनाव के बीच अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान 60 दिन तक संघर्षविराम बढ़ाने और युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत शुरू करने पर एक शुरुआती MoU तक पहुंच गए हैं। हालांकि यह समझौता अभी अंतिम नहीं है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
ईरान ने किया इनकार
इसी बीच ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी दावों पर सवाल उठाए हैं। वार्ता से जुड़े एक सूत्र के हवाले से एजेंसी ने कहा, ‘अगर समझौता वास्तव में अंतिम रूप ले चुका है तो ईरान खुद इसकी जानकारी पाकिस्तानी मध्यस्थ और अपने लोगों को देगा। उससे पहले पश्चिमी स्रोतों की कोई भी कहानी मान्य नहीं है।’
ईरान का अमेरिकी जेट गिराने का दावा
इस बीच ईरान ने एक बड़ा दावा किया है। ईरान ने कहा कि गुरुवार की बुशेहर प्रांस में एयर डिफेंस ने उसके हवाई क्षेत्र में घुसे एक विमान को मार गिराया। हालांकि अमेरिका का इस दावे पर कुछ और ही कहना है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों पर तुरंत रिएक्शन दिया है। कमांड ने कगा कहा कि उसका कोई भी फाइटर जेट नहीं गिरा है।
भारत के लिए राहत, तेल लेकर आ रहा टैंकर होर्मुज पार कर निकला
भारत के लिए पेट्रोलियम लेकर आ रहा एक बड़ा तेल टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और अब विशाखापत्तनम की ओर बढ़ रहा है। समुद्री ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर ‘निसोस केरोस’ 21 मई को शारजाह से रवाना हुआ था और शुक्रवार सुबह भारत के पश्चिमी तट के पास उत्तरी अरब सागर में देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, यह टैंकर 3 जून को विशाखापत्तनम पहुंच सकता है। ऐसे समय में इसकी सुरक्षित आवाजाही को अहम माना जा रहा है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है और दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। इस बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में IRGC नौसेना ने औपचारिक समन्वय के बाद 23 वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी।
अमेरिका में आज रुबियो-डार की अहम मुलाकात
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो आज वॉशिंगटन डीसी में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से मुलाकात करेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, यह बैठक स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे (14:00 GMT) शुरू होगी। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ रही हैं। पाकिस्तान पिछले कई हफ्तों से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हाल के दिनों में पाकिस्तान के कई वरिष्ठ अधिकारी ईरान का दौरा भी कर चुके हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने युद्ध पर उठाए सवाल, बोले- अब इसे खत्म होना चाहिए
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर Zohran Mamdani ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि यह संघर्ष अब खत्म होना चाहिए। सोशल मीडिया पर जारी बयान में ममदानी ने कहा कि तीन महीने पहले शुरू हुए इस युद्ध के लिए जनता ने कोई वोट नहीं दिया था, लेकिन इसकी कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ रही है। ममदानी ने कहा, ‘हजारों नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं और 13 अमेरिकी सैनिक कभी अपने परिवारों के पास नहीं लौट पाएंगे।’ उन्होंने आरोप लगाया कि इस युद्ध का आर्थिक बोझ भी आम लोगों पर पड़ा है। उनके मुताबिक, अमेरिका में पेट्रोल और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे कामकाजी परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ा है।
भारत के लिए नेतन्याहू का बड़ा बयान, बोले- यहां मेरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत की खुलकर तारीफ करते हुए कहा है कि दुनिया के कई हिस्सों में आलोचना झेल रहे इजरायल को भारत में जबरदस्त समर्थन मिलता है। वेस्ट बैंक में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में हमें वैधता पर सवालों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत में नहीं। नेतन्याहू ने कहा कि भारत में इजरायल के प्रति लोगों का प्यार बिलकुल पागलपन की हद तक है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, मुझे लगता है कि भारत से मेरे फॉलोअर्स दुनिया के किसी भी दूसरे देश से ज्यादा हैं।
समझौते की उम्मीद से तेल हुआ सस्ता, लेकिन पूरी राहत नहीं
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर चल रही बातचीत के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच किसी समझौते का रास्ता निकल सकता है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कम होगी। हालांकि गिरावट सीमित रही, क्योंकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों पक्ष समझौते के करीब जरूर पहुंचे हैं, लेकिन अभी अंतिम डील नहीं हुई है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड जुलाई डिलीवरी के लिए 35 सेंट यानी 0।37 फीसदी गिरकर 93।36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं WTI क्रूड 63 सेंट यानी 0।71 फीसदी टूटकर 88।27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अगस्त डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड भी 46 सेंट यानी 0।50 फीसदी गिरकर 92।24 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। बाजार की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले चरण और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर बनी हुई है।
