कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद से ही राज्य की राजनीति गर्मा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी की पार्टी में फूट पड़ने के बाद से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बता दें, पार्टी के 20 सांसदों ने बगावती रुख अपनाते हुए पार्टी से दूरी बना ली और एनडीए में शामिल होने की बात कही। इस मामले में पार्टी सांसद कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों पर हमला बोला है। कीर्ति आजाद ने आज मंगलवार को उस वायरल सोशल मीडिया पोस्ट को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि 20 टीएमसी सांसदों का एक ‘अलग ग्रुप’ नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को समर्थन देने वाला है। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बनाई हुई ‘फेक और मनगढ़ंत’ लिस्ट बताया। सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि पार्टी में दरार पैदा करने की कोशिश नाकाम हो गई है और कहा कि लिस्ट में बताए गए कई सांसद पहले ही ऐसे किसी भी डॉक्यूमेंट पर साइन करने से मना कर चुके हैं।उन्होंने आगे लिखा कि यह नकली और मनगढ़ंत लिस्ट बीजेपी ने जारी की है। इनमें से छह ने किसी भी डॉक्यूमेंट/पेपर पर साइन करने से साफ मना कर दिया है। ऑपरेशन लोटस फेल हो गया है। अमित शाह फेल हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ग्राफिक में दावा किया गया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों का एक ‘अलग ग्रुप’ केंद्र में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को समर्थन देने वाला है। इस दावे में टीएमसी (TMC) के कई बड़े नेताओं और नए चुने गए सांसदों के नाम हैं। वायरल इमेज के मुताबिक, ग्रुप में कथित तौर पर काकोली दस्तीदार, शताब्दी रॉय, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, पार्थ भौमिक, प्रतिमा मंडल, बापी हलदर, माला रॉय, सुदीप बंद्योपाध्याय, प्रसून बनर्जी, जून मालिया, शर्मिला सरकार, असित कुमार मल, मिताली बाग, दीपक अधिकारी (देव), कालीपद सोरेन, अरूप चक्रवर्ती, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, अबू ताहिर खान और सौगत रॉय शामिल हैं। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि इन 20 सांसदों ने NDA को सपोर्ट करने के लिए ममता बनर्जी की पार्टी में एक अलग गुट बना लिया है। हालांकि, बताए गए किसी भी नेता या टीएमसी (TMC) लीडरशिप की तरफ से इस तरह के कदम के बारे में कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। इससे पहले सोमवार को, आजाद ने बीजेपी (BJP) पर तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी हालात के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया, जो मतभेदों का सामना कर रही है, और कहा कि ‘यह झूठी और मनगढ़ंत कहानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘ब्लैकमेलिंग, बहलाने-फुसलाने’ और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बागी गुट के पास 20 सांसद नहीं हैं और यह पूरा मामला गृह मंत्री अमित शाह के लिए ‘इज्जत का मामला’ बन गया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बीजेपी झूठ फैला रही है। यह नकली और मनगढ़ंत कहानी है। इस बीच, ब्लैकमेलिंग, मनाना, रिश्वत देने की कोशिश, धमकी, ईडी (ED), सीबीआई और पुलिस के साथ गंभीर नतीजों की धमकी दी जा रही है। उनके पास 20 सांसद नहीं हैं। वे हताश हैं। यह अमित शाह के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गया है।