न्यूयॉर्क। अमेरिका इन दिनों मानो किसी हॉलीवुड डिजास्टर फिल्म का सेट बना हुआ है, जहां आसमान से गिरती बर्फ, सड़कों पर जमी मोटी आइस की परत और हवा में सिहरन का ऐसा आतंक कि 13,000 से ज्यादा उड़ानें आसमान में उड़ने से पहले ही ठंड की कैद में थम गईं। यह बर्फीला तूफान न सिर्फ पेड़ों को ताश के पत्तों की तरह गिरा दे रहा है बल्कि बत्ती भी गुल कर दे रहा है, जिस वजह से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है। तूफान का असर इतना भयंकर है कि करोड़ों अमेरिकियों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी जमाकर रख दे रहा है।

अमेरिका में बर्फीले तूफान से तबाही

अमेरिका में एक विशाल और खतरनाक विंटर स्टॉर्म ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। शनिवार को तूफान ने बिजली, ट्रांसपोर्ट सिस्टम सबकुछ ठप कर दिया। यहां तक कि हजारों उड़ानें रद्द कर दी गईं और कई राज्यों में बिजली गुल हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 2,300 मील से ज्यादा क्षेत्र में फैला है और इसका असर 180 मिलियन से अधिक लोगों पर पड़ रहा है, यानी अमेरिका की आधीआबादी से ज्यादा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने किया इमरजेंसी का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तक 1 दर्जन राज्यों के लिए इमरजेंसी की घोषणा को मंजूरी दे दी थी और आगे भी और राज्यों के लिए इसकी घोषणा होने की उम्मीद है। गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने बताया कि संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने कई राज्यों में आवश्यक सामग्री, कर्मचारी और खोज एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं। नोएम ने कहा कि हम बस यही अपील करते हैं कि सभी लोग समझदारी दिखाएं और अगर संभव हो तो घर पर ही रहें।

बर्फ, बारिश से नहीं बची कोई जगह

नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में तापमान बेहद कम रहेगा और बर्फ जल्दी नहीं पिघलेगी। जिससे राहत और बहाली के कार्यों में देरी होगी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार तक कम से कम दर्जनभर राज्यों में आपातकाल की मंजूरी दे दी है। FEMA ने कई राज्यों में राहत सामग्री, खोज व बचाव दल और अतिरिक्त स्टाफ पहले ही तैनात कर दिया है। होमलैंड सिक्योरिटी की सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कृपया घर पर रहें, अनावश्यक यात्रा बिल्कुल न करें।
टेक्सास, लुइजियाना में पावर बत्ती गुल, पेड़‑तार टूटकर गिरे

पावरआउटेज।us के अनुसार शनिवार तक तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में 120,000 से ज्यादा घरों में बिजली कट गई। टेक्सास और लुइजियाना में ही लगभग 50,000 लोग प्रभावित हुए। टेक्सास के शेल्बी काउंटी में बर्फ के भार से पेड़ टूटे और बिजली की लाइनें गिर गईं।

13,000 उड़ानें रद्द – महामारी के बाद सबसे खराब स्थिति

FlightAware के अनुसार शनिवार और रविवार को मिलाकर 13,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं। यह संख्या कोविड‑19 महामारी के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा रद्द उड़ानों में से है।
सबसे ज्यादा प्रभावित एयरपोर्ट:

    ओक्लाहोमा सिटी — शनिवार की सभी उड़ानें रद्द, रविवार सुबह की उड़ानें भी बंद
डलास–फोर्ट वर्थ — 700 से ज्यादा उड़ानें रद्द
शिकागो, अटलांटा, नैशविल, शार्लोट — भारी व्यवधान
वॉशिंगटन D.C. — रविवार की लगभग सभी उड़ानें पहले ही रद्द कर दी गईं

पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में अलर्ट: “48 घंटे घर से न निकलें”

जॉर्जिया में अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोग 48 घंटे तक घरों में रहें। राज्य के प्रमुख मौसम विज्ञानी विल लैंक्सटन ने कहा कि यह दशक का सबसे बड़ा आइस स्टॉर्म हो सकता है… बर्फ जैसा नहीं, आइस सबसे खतरनाक होती है। राज्य में हाईवे पर नमक‑पानी (brine) डालने का काम रात भर चलता रहा, लेकिन अधिकारी बोले कि इस दौरान सड़कों को सुरक्षित रखना बहुत मुश्किल होगा।

उत्तर‑पूर्व में एक फुट से ज्यादा बर्फ की भविष्यवाणी

तूफान अब उत्तर‑पूर्व की ओर बढ़ रहा है। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरन ममदानी ने कहा कि इस मौसम में कृपया बाहर न निकलें… कोई जोखिम न लें। गर्म कपड़े पहनें और घर पर ही रहें।

टेक्सस में पारा –24°C तक गिरा- अमेरिका के कई राज्यों में रिकॉर्ड‑तोड़ ठंड दर्ज की गई, जिसमें टेक्सस में विंड चिल माइनस 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

कई राज्यों में इमरजेंसी का ऐलान- राष्ट्रपति और गवर्नर्स ने हालात को देखते हुए दर्जनभर से अधिक राज्यों में आपातकाल घोषित किया।

14 करोड़ से ज्यादा अमेरिकी तूफान की चपेट में- लगभग 140 मिलियन (14 करोड़) लोग इस बर्फीले तूफान और आइस‑स्टॉर्म के मार्ग में हैं।

9,000 से अधिक फ्लाइटें रद्द- देशभर में 13000 उड़ानें रद्द हुईं, कुछ एयरपोर्ट्स पर सभी उड़ानें बंद करनी पड़ीं

आइस स्टॉर्म का असर तूफान जैसा- बिजली गुल, कई राज्यों में 68,000 से अधिक पावर आउटेज दर्ज हुए, सबसे ज्यादा प्रभावित टेक्सस और लुइजियाना।

सड़कों पर खतरनाक स्थिति- राजमार्ग बंद, बर्फीली सड़कें, गिरते पेड़ और आइस के कारण कई राज्यों में रोड शटडाउन करना पड़ा।
पूर्वोत्तर में 30 सेमी तक बर्फबारी- वॉशिंगटन D।C। से बोस्टन तक 1 फुट (30 सेंटीमीटर) तक बर्फ गिरने की भविष्यवाणी
स्कूल–चर्च–इवेंट्स बंद- कई शहरों में स्कूल, चर्च सर्विसेज, म्यूज़िक शोज़ और परेड रद्द या ऑनलाइन कर दिए गए

मिडवेस्ट में –40°C तक की ठंड, प्रदर्शनकारी भी जमे

मिडवेस्ट के कई राज्यों में तापमान माइनस 40°C तक गिर गया, जहां 10 मिनट में ही फ्रॉस्टबाइट हो सकता है। विस्कॉन्सिन के राइनलैंडर में –38°C तापमान दर्ज हुआ, जो 30 वर्षों में सबसे कम है। मिनियापोलिस में ICE के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग –21°C में भी सड़कों पर डटे रहे।

स्कूल और कार्यक्रम रद्द, चर्च ऑनलाइन, परेड बंद

फिलाडेल्फिया और ह्यूस्टन में सोमवार को स्कूल बंद किए गए। UNC Chapel Hill और University of Mississippi ने भी क्लास कैंसिल कर दी। नैशविल में Grand Ole Opry शो बिना दर्शकों के हुआ। जबकि लुइजियाना में मार्डी ग्रास परेड रद्द कर दी गई।
यह तूफान इतना अनोखा क्यों है?

NOAA के मौसम विज्ञानी जॉश वीस के अनुसार, यह तूफान दो कारणों से एकदम अलग है, क्योंकि इसका दायरा बहुत विशाल है, ये तूफान 2,000 मील से ज्यादा के एरिया को चपेट में लेगा। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इसके बाद रिकॉर्ड‑तोड़ ठंड आने वाली है।

बिजली की कीमतें $3,000 प्रति मेगावॉट‑घंटा तक पहुंचीं

अमेरिका के सबसे बड़े बिजली ग्रिड PJM Interconnection, जो पूर्वी और मिड-अटलांटिक क्षेत्रों में 6।7 करोड़ लोगों को बिजली सप्लाई करता है। उसमें शनिवार सुबह थोक बिजली कीमतें अचानक $200 से बढ़कर $3,000 प्रति मेगावॉट‑घंटा को पार कर गईं। यह उछाल तूफान के कारण बिजली की मांग और सप्लाई के बीच असंतुलन के चलते हुआ।