चेन्नई। भारतीय टीम ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार (26 फरवरी) को जिम्बाब्वे के खिलाफ 72 रनों से जीत हासिल की। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुए इस मैच में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को जीत के लिए 257 रनों का टारगेट दिया। इस विशाल टारगेट के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। ब्रायन बेनेट ने नााबाद 97 रन बनाए, लेकिन वो टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे। भारतीय टीम अब इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक कदम दूर है। भारतीय टीम को अब अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज का 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में सामना करना है। भारतीय टीम यदि वेस्टइंडीज को हराती है तो वो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। भारत की जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंच गया। जबकि जिम्बाब्वे अंतिम-4 की रेस से बाहर हो चुका है। भारतीय टीम को सुपर-8 में अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनो से हार झेलनी पड़ी थी। लेकिन उस हार से भारतीय टीम ने सबक लेते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ तीनों डिपार्टमेंट में दमदार खेल दिखाया। यानी भारतीय टीम का इस मुकाबले में कम्पलीट परफॉर्मेंस दिखा।
अभिषेक का फॉर्म में लौटना सुखद
सबसे प्लस प्वाइंट सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का फॉर्म में लौटना रहा। अभिषेक ने लगातार तीन पारियों में शून्य के स्कोर बनाए थे। जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ वो 15 रन बना पाए थे। मगर अभिषेक जिम्बाब्वे के खिलाफ पूरी तरह लय में दिखे। अभिषेक ने 30 गेंदों पर 55 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और चार चौके शामिल रहे। अभिषेक ने इस दौरान संजू सैसमन के साथ मिलकर 48 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की।
जिम्बाब्वे से जीतकर भी खुश नहीं सूर्या
चेन्नई के एमए चिदम्बरम स्टेडियम में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे पर दमदार जीत दर्ज करने के बावजूद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) अपनी टीम की गेंदबाजी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने साफ कहा कि जीत अहम है, लेकिन नॉकआउट से पहले टीम को और क्लीनिकल बनना होगा। गुरुवार (26 फरवरी को) मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। सुपर-8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद यह प्रदर्शन टीम के लिए बेहद जरूरी था। हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे कभी भी जीत की स्थिति में नहीं दिखी, फिर भी उसने 6 विकेट पर 184 रन बना लिए। छठे गेंदबाज के तौर पर उतरे शिवम दुबे ने दो ओवर में 46 रन खर्च किए, जिसने भारतीय कप्तान को चिंतित किया।
टीम इंडिया ने कैसे किया जिम्बाब्वे के खिलाफ प्रदर्शन
कप्तान सूर्या ने यह भी बताया कि टीम ने इस अहम मैच से पहले पुरानी गलतियों को पीछे छोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा- हमने लीग स्टेज या पिछले मैच के बारे में ज्यादा नहीं सोचा। हमारे वीडियो एनालिस्ट ने पिछले एक साल के सकारात्मक प्रदर्शन का प्रेजेंटेशन तैयार किया था। उससे हमें आत्मविश्वास मिला और हम पूरी स्पष्टता के साथ मैदान पर उतरे।
उन्होंने बल्लेबाजी इकाई की सराहना करते हुए कहा कि टॉप ऑर्डर से लेकर नंबर सात तक सभी का योगदान रहा और प्रदर्शन लगभग संपूर्ण था।
सिकंदर रजा ने टीम इंडिया से हारने की क्या वजह बताई?
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजान ने माना कि बड़ी टीमों को चुनौती देने के लिए उनकी टीम को तीनों विभागों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने कहा- हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप और पहली बार भारत में खेल रहे हैं। यह बहाना नहीं है, लेकिन सीखने का प्राजारी है। अगर किसी एक विभाग में कमी रह जाए तो मैच हाथ से निकल जाता है। जिम्बाब्वे ने लगातार दूसरे मैच में 250 से ज्यादा रन गंवाए, जिसने उसकी हार में बड़ी भूमिका निभाई। इस हार के साथ ही टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। अब वह अपना आखिरी मैच 1 मार्च को दिल्ली में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी।
तिलक नए रोल में ढल गए
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में तिलक वर्मा नए रोल में दिखे। तिलक मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में नंबर-3 पर संघर्ष करते दिखे थे। लेकिन इस मैच में उन्हे नंबर-6 पर उतारा गया। टीम मैनेजमेंट का ये दांव क्लिक कर गया। तिलक ने महज 16 बॉल पर नाबाद 44 रनों की पारी खेली। इस दौरान तिलक ने चार छक्के और तीन चौके लगाए। हार्दिक पंड्या की हार्ड हिंटिंग ने भी भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद किया। हार्दिक ने चार छक्के और दो चौके की मदद से 23 बॉल पर नाबाद 50 रन कूट डाले। हार्दिक ने भारतीय पारी की आखिरी दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर ना सिर्फ अर्धशतकीय आंकड़ा टच किया, बल्कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली निराशा को भी कम किया। भारतीय टीम की गेंदबाजी काफी शानदार रही। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने तो मिडिल ओवरों में कमाल की बॉलिंग की और तीन विकेट झटके। अर्शदीप ने 4 ओवरों में सिर्फ 24 रन खर्चे। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने विकेट तो नहीं लिए, लेकिन दोनों ने 3-3 ओवरों में एक समान 21 रन दिए। स्पिन गेंदबाजों वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 35-35 रन खर्च किए, साथ ही एक-एक विकेट लिया। शिवम दुबे जरूर आउट ऑफ कलर दिखे और एक विकेट लेने के लिए 2 ओवरों में 46 रन लुटाए।
