अंबेडकरनगर/अहमदाबाद। गुजरात एटीएस ने ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar) जिले में चल रही अवैध मेफेड्रोन (MD) फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में करीब 20 करोड़ रुपये की ड्रग्स और केमिकल जब्त किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान खेत में छिपाकर बनाई गई फैक्ट्री से 6 किलो मेफेड्रोन, 50 किलो लिक्विड मेफेड्रोन और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ है। इस मामले में दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले गुजरात में तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। इस तरह अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं। एटीएस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। इस पूरे मामले की शुरुआत 1 मार्च को मिली एक खुफिया सूचना से हुई थी। गुजरात एटीएस के डिप्टी एसपी एसएल चौधरी को सूचना मिली थी कि अहमदाबाद में ड्रग्स की सप्लाई हो रही है। इसके आधार पर गोमतीपुर इलाके से शफात अहमद फारूकी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 4।6 ग्राम एमडी बरामद की गई थी। शुरुआती पूछताछ में उसने ड्रग्स सप्लाई करने वाले दो अन्य लोगों के नाम बताए। इसके बाद जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया गया। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नेटवर्क को ट्रेस करना शुरू किया। यहीं से यूपी कनेक्शन सामने आया। शफात की निशानदेही पर एटीएस ने अहमदाबाद के दाणीलीमड़ा इलाके में रहने वाले सोहेल मिर्जा और फरहान पठान को गिरफ्तार किया। सोहेल के पास से 300 ग्राम एमडी बरामद हुई। तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि यह ड्रग्स उन्हें उत्तर प्रदेश से मिल रही थी। इससे जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। एटीएस को यह भी पता चला कि असली सप्लायर यूपी में बैठे हैं। इसके बाद टीम ने पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सोहेल को 300 ग्राम एमडी यूपी के पंकज और कपिल ने सप्लाई की थी। ये दोनों आरोपी खुद ड्रग्स बनाते थे और फिर देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजते थे। गुजरात एटीएस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए दोनों का लोकेशन ट्रेस किया। लोकेशन उत्तर प्रदेश के आंबेडकरनगर जिले में मिली। इसके बाद अहमदाबाद से एटीएस की टीम यूपी के लिए रवाना हुई। स्थानीय पुलिस से भी संपर्क किया गया। संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाकर रेड की तैयारी की गई।
ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा
एटीएस की टीम ने आंबेडकरनगर पुलिस के साथ मिलकर रामपुर करई इलाके में एक खेत में छापा मारा। यहां एक टीन शेड बनाया गया था, जो बाहर से देखने पर पोल्ट्री फार्म जैसा लगता था। लेकिन अंदर मेफेड्रोन बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। इसी जगह से पंकज और कपिल को गिरफ्तार किया गया। दोनों पिछले करीब चार महीने से यहां ड्रग्स बना रहे थे। फैक्ट्री को बेहद गुप्त तरीके से तैयार किया गया था ताकि किसी को शक न हो। यह पूरा ऑपरेशन बेहद योजनाबद्ध तरीके से चल रहा था।
रेड के दौरान एटीएस को बड़ी सफलता मिली। मौके से 6 किलो मेफेड्रोन, 50 किलो लिक्विड मेफेड्रोन, 88 किलो 2-ब्रोमो-4 मिथाइल प्रोपियोफेनोन और 200 किलो केमिकल बरामद किया गया। इन सभी की बाजार कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि बरामद 88 किलो केमिकल से करीब 25 किलो और एमडी बनाई जा सकती थी। यानी यह फैक्ट्री बड़े स्तर पर ड्रग्स उत्पादन कर रही थी। एटीएस ने पूरे सामान को जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में कपिल (31) और पंकज (30) शामिल हैं। कपिल 12वीं पास है जबकि पंकज 10वीं तक पढ़ा है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले चार महीने से ड्रग्स का कारोबार कर रहे थे। गुजरात एटीएस उन्हें यूपी से अहमदाबाद लेकर गई है। कोर्ट में पेश करने के बाद 12 दिन का रिमांड हासिल किया गया है। रिमांड के दौरान उनसे नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इससे बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा।
अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन का डेटा खंगाला जा रहा है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स की सप्लाई देश के किन-किन हिस्सों में की गई। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि इन्हें ड्रग्स बनाने की तकनीक और कच्चा माल कहां से मिला। एटीएस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
