देहरादून। हिंदू धर्म में उत्तराखंड स्थित चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ) बेहद ही महत्वपूर्ण व पवित्र तीर्थयात्रा मानी गयी है। ये तीर्थयात्रा अमूमन अप्रैल या मई के महीने से शुरू होकर अक्टूबर और नवंबर के महीने तक चलती है। इस साल विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर खोल दिए जाएंगे। यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। रविवार, 19 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा अर्चना की जाएगी, जिसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ भी हो जाएगा। इसके बाद अगले छह माह तक देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यमुनोत्री धाम में मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे।
अक्षय तृतीया पर खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट, 19 अप्रैल से शुरू होगी चार धाम यात्रा
तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि इस साल 6 गते बैसाख, अक्षय तृतीया शुक्ल पक्ष, कृतिका नक्षत्र, कर्क लग्न और आयुष्मान योग में 19 अप्रैल रविवार को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर मां यमुना जी के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंगलवार को यमुना जयंती के शुभ अवसर पर मां यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली मंदिर में यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त विधि विधान से निकाला गया। इस दौरान श्री यमुनोत्री मंदिर समिति, समस्त तीर्थ पुरोहित समाज और पंच पंडा समिति की उपस्थिति में पंचांग गणना के बाद कपाट खुलने की तिथि और समय की औपचारिक घोषणा की गई। बता दें कि इस बार 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल सकते हैं। इस अवसर पर मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल, पंच पंडा समिति के सचिव गिरीश उनियाल, मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, कृतेश्वर उनियाल, मनमोहन उनियाल, ज्योति प्रसाद उनियाल, प्रदीप उनियाल, गिरीश उनियाल, गौरब उनियाल, संजीव उनियाल, विपिन उनियाल सहित अन्य तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।
चारधाम यात्रा के लिए बन रहे ग्रीन कार्ड
एआरटी प्रशासन ऋषिकेश रावत सिंह के अनुसार, 23 मार्च से कार्यालय में पूजा-अर्चना, यज्ञ-हवन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ग्रीन कार्ड बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने चारधाम यात्रा-2026 के सुगम, सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के दृष्टिगत समस्त व्यावसायिक सवारी वाहनों के संचालकों और चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों का समय परीक्षण कराकर, आवश्यक वैध दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होकर ग्रीनकार्ड प्राप्त करें। बिना ग्रीनकार्ड के किसी भी सवारी वाहन को यात्रा मार्ग पर संचालित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
